ITR1 aur ITR2 mein kya antar hai?

Itr1 और itr2 में क्या अंतर है?

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7/19/20241 मिनट पढ़ें

Itr1 और itr2 में क्या अंतर है? कौन सा ITR फॉर्म यूज़ करे (आईटीआर 1 और आईटीआर 2 में क्या अंतर है?)

बहुत से नौकरी करने वाले लोग अपने ITR फॉर्म को चुनने में कंफ्यूज रहते है की उनको कोनसा ITR फॉर्म चुनना चाहिए तो आज हम अपने इस आर्टिकल में आपको ITR-1 और ITR-2 फॉर्म के बारे में जानकारी दे रहे है।

अगर आप नौकरी करते है तो आपको अपनी कम्पनी से फॉर्म-16 मिल गया होगा। आप इस फॉर्म-16 की मदद से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यदि आप केवल नौकरी करते हैं और आपके बिजनेस या प्रोफेशन से किसी तरह की इनकम नहीं होती है तो आपको आइटीआर फॉर्म वन और आइटीआर फॉर्म 2 में से किसी एक का चुनाव करना होगा। आईटीआर फाइल करने के लिए सही फॉर्म का चुनाव करना बेहद जरूरी है। गलत फॉर्म के जरिए रिटर्न फाइल करने से आपका रिटर्न डिफेक्टिव हो सकता है। उदाहरण के लिए अगर आप फार्म 2 की जगह फॉर्म वन का इस्तेमाल करते हैं तो आप अपने बारे में पूरी जानकारी शेयर नहीं कर पाएंगे ऐसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से आपको नोटिस आ सकता है।

ITR फॉर्म वन को सहज भी कहते है। क्योंकि इस भरना बहुत आसान होता है सैलेरी टैक्स पेयर्स और पेंशनर्स जिनकी इनकम के दूसरे स्रोत नहीं है इस फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इस फॉर्म में टैक्स पेयर की कई जानकारियां पहले से भरी होती हैं। इनकम टैक्स की डिटेल और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के डाटा भरे होते हैं। जिससे रिटर्न फाइल करना आसान हो जाता है।

अगर आप ITR-1 का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसमें पहले से भरे गए डाटा का फॉर्म 16 और बैंक अकाउंट स्टेटमेंट से मिला लेना ठीक रहेगा।अच्छा होगा कि आप फार्म 16as और AIS याने की एनुअल इनफॉरमेशन स्टेटमेंट के डाटा को भी मैच कर लें, इसके बाद आप ऑनलाइन आइटीआर फाइलिंग प्रोसेस पूरा कर सकेंगे।

नौकरी करने वाला हर व्यक्ति फॉर्म वन का इस्तेमाल नहीं कर सकता इसका इस्तेमाल सिर्फ ऐसे रेजिडेंट कर सकते हैं जिनकी इनकम एक वित्त वर्ष में 50 लख रुपए से ज्यादा नहीं है। इसमें सैलरी पेंशन वन हाउस प्रॉपर्टी और एग्रीकल्चर से होने वाली इनकम भी शामिल होती है।इसके अलावा इसमें सेविंग्स या फिक्स्ड डिपॉजिट डिविडेंड की इनकम भी शामिल होती है।

ITR-2 उन व्यक्तियों और HUF (हिन्दू अविभाजित परिवार) के लिए है जिनकी आय वेतन, एक से अधिक घरेलु संपत्ति, पूंजीगत लाभ या किसी अन्य किसी स्रोत से होती है। और इन लोगो की आय किसी व्यवसाय नहीं होती हो।

रिटर्न फाइल करने के लिए आपको सबसे पहले ई फाइलिंग पोर्टल www.incometax.gov.in पर रजिस्टर कर रहा होगा। अगर आपने पहले रजिस्टर किया हुआ है तो आपको अपने पेन कार्ड के नंबर अपने यूजर आईडी में डालना है।इसके बाद पासवर्ड डालना है अब आप पोर्टल के मुख्य मेन्यू में आपको गो टू ए फाइल सेक्शन में जाना है। इसमें आपको इनकम टैक्स रिटर्न नजर आएगा यहां आपको एसेसमेंट ईयर 2024 से 25 सेलेक्ट करना है। फिर आपको अपने स्टेटस को सेलेक्ट करना है। इसके बाद आईटीआर वन सेलेक्ट करना होगा। अब आपको कुछ सवालों के जवाब देने है। इसके बाद आपको टैक्स बकाया होने पर उसे चुकाना होगा, फिर रिटर्न को सबमिट करना होगा है।

आपको इन्हें वेरीफाई करना होगा। इनमें पर्सनल इनफॉरमेशन, ग्रॉस टोटल इनकम, टोटल डिडक्शन टैक्स पैड और टोटल टैक्स लायबिलिटी शामिल होंगे। आप फार्म 16 की मदद से इस क्षेत्र के सभी डाटा को वेरीफाई कर सकते हैं। याद रखें कि रिटर्न सबमिट करने के बाद आपको इसे वेरीफाई भी करन होगा आप आधारओटीपी या नेट बैंकिंग के जरिए इसे वेरीफाई कर सकते हैं।

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